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मुंबई : आज के दौड़ते-भागते जिंदगी में, गगनचुंबी इमारतों और चमकती लाइफस्टाइल के पीछे एक अनदेखी जंजीर है जिसने लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों को जकड़ रखा है, यह है ‘बकाया कर्ज़’ (Unsettled Debt)। यह सिर्फ बैंक के खाते में लिखा एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि जैसा कि कहा जाता है, कर्ज़ की कीमत सिर्फ पैसों में नहीं, बल्कि आपके सुकून और रिश्तों के रूप में चुकानी पड़ती है।

मुंबई : आज के दौड़ते-भागते जिंदगी में, गगनचुंबी इमारतों और चमकती लाइफस्टाइल के पीछे एक अनदेखी जंजीर है जिसने लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों को जकड़ रखा है, यह है ‘बकाया कर्ज़’ (Unsettled Debt)। यह सिर्फ बैंक के खाते में लिखा एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि जैसा कि कहा जाता है, कर्ज़ की कीमत सिर्फ पैसों में नहीं, बल्कि आपके सुकून और रिश्तों के रूप में चुकानी पड़ती है।
मुंबई : आज के दौड़ते-भागते जिंदगी में, गगनचुंबी इमारतों और चमकती लाइफस्टाइल के पीछे एक अनदेखी जंजीर है जिसने लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों को जकड़ रखा है, यह है ‘बकाया कर्ज़’ (Unsettled Debt)। यह सिर्फ बैंक के खाते में लिखा एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि जैसा कि कहा जाता है, कर्ज़ की कीमत सिर्फ पैसों में नहीं, बल्कि आपके सुकून और रिश्तों के रूप में चुकानी पड़ती है।